॥ अंतरा 1 ॥
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
॥ अंतरा 2 ॥
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
॥ अंतरा 3 ॥
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
॥ अंतरा 4 ॥
बाला मैं बैरागन हूंगी
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी