भजन के पावन बोल (Lyrics)
॥ अंतरा 1 ॥
जोगी रंग भी ना आया,
अच्छा श्रंगी नाद बजाया….
॥ अंतरा 2 ॥
मोतीन लर अलकन संगा,
मानो जटा जूट में गंगा,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 3 ॥
ललाट में चंदन बिंदा,
मानो किये भूषण इंदा,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 4 ॥
कुंडल की चमक गहरी,
कपोलन छवि की लहरी,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 5 ॥
अंग-अंग भूषण बाजे,
मानो सुर डमरु बाजे,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 6 ॥
मलया गिरी चंदन बाजे,
पिताम्बर गुदडी धारे,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 7 ॥
सोहे बाम भाग में प्यारी,
मानो अरधंग सवारी,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 8 ॥
जोगी छवि बावरो डोले,
राधे राधे राधे बोले,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 9 ॥
मोहन मंत्र फूँक के मारी,
सब ब्रज मोहिनी डारी,
जोगी रंग भी ना आया….
॥ अंतरा 10 ॥
जोगी सब संतों का प्राणा,
शरण मलूक ने माना,
जोगी रंग भी ना आया….