॥ अंतरा 1 ॥
प्रेम नगर मत जा ए मुसाफिर,
प्रेम नगर मत जा,
प्रेम नगर मत जा मुसाफिर,
प्रेम नगर मत जा॥
॥ अंतरा 2 ॥
प्रेम नगर का पंथ तो कठिन है,
प्रेम नगर का पंथ तो कठिन है,
प्रेम नगर का पंथ तो कठिन है,
ऊँचा शिखर ठिकाना मुसाफिर,
प्रेम नगर मत जा॥
॥ अंतरा 3 ॥
प्रेम नगर की गहरी है नदियाँ,
प्रेम नगर की गहरी है नदियाँ,
प्रेम नगर की गहरी है नदियाँ,
लाखो लोग डुबाना मुसाफिर,
प्रेम नगर मत जा॥
॥ अंतरा 4 ॥
प्रेम नगर की सुन्दर परियाँ,
प्रेम नगर की सुन्दर परियाँ,
प्रेम नगर की सुन्दर परियाँ,
लाखो लोग लुभाना मुसाफिर,
प्रेम नगर मत जा॥