मुख्य पृष्ठ / भजन / मेरो मन गिरधर छवि पर अटको मेरो मन गिरधर छवि पर अटको मेरो मन गिरधर छवि पर अटको के सम्पूर्ण पावन बोल, अर्थ और भावार्थ। भजन के पावन बोल (Lyrics) मेरो मन गिरधर छवि पर अटक्यो ।ललित त्रिभंग चाल पै चलि कै, चिबुक चारु गड़ि ठटक्यो ।सजल स्याम घन वरन लीन है, फिर चित्त अनत न भटक्यो ।कृष्णदास किये प्राण निछावर, यह तन जग सिर पटक्यो