मुख्य पृष्ठ / भजन / कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट के सम्पूर्ण पावन बोल, अर्थ और भावार्थ। भजन के पावन बोल (Lyrics) ॥ अंतरा 1 ॥कान्हा तोरी जोहत रह गई बात,जोहत जोहत एक पग ठानी,कालिंदी के घाट,कान्हा तोरी जोहत रह गई बात,॥ अंतरा 2 ॥झूठी प्रीत करी मनमोहन,या कपटी की बात,कान्हा तोरी जोहत रह गई बात,॥ अंतरा 3 ॥मीरा के प्रभु गिरघर नागर,दे गियो ब्रिज को चाठ