॥ अंतरा 1 ॥
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ
श्याम हृदय कू भाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ
श्याम हृदय कू भाए
वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री वृंदावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
॥ अंतरा 2 ॥
सब सुख सागर रूप उजागर
रहे वृंदावन धाम
सब सुख सागर रूप उजागर
रहे वृंदावन धाम
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा
रूप गोस्वामी प्रगट कियो
राधा गोविन्द रूप निहार
वृंदावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा
रूप गोस्वामी प्रगट कियो
राधा गोविन्द रूप निहार
वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री वृंदावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 3 ॥
बिहरत निसदिन कुंज गलीन में
ब्रज जन मन सुख धाम
बिहरत निसदिन कुंज गलीन में
ब्रज जन मन सुख धाम
मदन मोहन को रुप निरख के
मदन मोहन को रुप निरख
सनातन बली बली जाए
वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
मदन मोहन को रुप निरख के
मदन मोहन को रुप निरख
सनातन बली बली जाए
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 4 ॥
गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे
प्यारो गोपीनाथ
गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे
प्यारो गोपीनाथ
मधुपंडित जिन कंठ लगायो
मधुपंडित जिन कंठ लगायो
जहा है रही जय जय कार
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
मधुपंडित जिन कंठ लगायो
मधुपंडित जिन कंठ लगायो
है रही जय जय कार
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 5 ॥
श्री गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना
प्रगट्यौ शालिग्राम
श्री गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना
प्रगट्यौ शालिग्राम
रुप सुधा को खान हमारो
रुप सुधा को खान हमारो
प्यारो राधारमण जु लाल
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
रुप सुधा को खान हमारो
रुप सुधा को खान हमारो
प्यारो राधारमण जु लाल
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 6 ॥
आतुर हित हरिवंश पुकारो
श्री राधा राधा नाम
आतुर हित हरिवंश पुकारो
श्री राधा राधा नाम
सघन कुंज यमुना तट आयो
मदन टेर वृन्दावन आयो
प्यारो राधावल्लभ लाल
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन प्यारो वृंदावन
मदन टेर वृंदावन आयो
सघन कुंज यमुना तट आयो
प्यारो राधावल्लभ लाल
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन प्यारो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 7 ॥
युगल किशोर को लाड लडायो
नवल कुंज हिय माए
युगल किशोर को लाड लडायो
नवल कुंज हिय माए
कुंज निकुंजन कि रज धारे
कुंज निकुंजन कि रज धारे
हरी व्यास युगल यश गाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
कुंज निकुंजन कि रज धारे
कुंज निकुंजन कि रज धारे
हरी व्यास युगल यश गाए
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन प्यारो वृंदावन
॥ अंतरा 8 ॥
भुवन चतुर्दश की सुंदरता
निधीवन करत बिहार
भुवन चतुर्दश की सुंदरता
निधीवन करत बिहार
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी
श्यामा प्यारी बाके बिहारी
और जय जय श्री हरिदास
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन प्यारो वृन्दावन
श्यामा प्यारी बाके बिहारी
श्यामा प्यारी बाके बिहारी
जय जय श्री हरिदास
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
वृंदावन प्यारो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 9 ॥
जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ
वृंदावन अभिराम
जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ
वृंदावन अभिराम
सप्तनिधीन को हिय उजियारो
इंद्र इंस अम्बेस दुलारो
हमारो गिरधर लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
यह आनंद बरसाने वालो
हम सबको प्रानन से प्यारो
हमारो गिरधर लाल
वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
श्री वृंदावन मेरो वृंदावन
॥ अंतरा 10 ॥
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे
जय राधे राधे जय राधे राधे