॥ अंतरा 1 ॥
बन नाचे नटनी को आली नंद को किशोर।
बन नाचे नटनी को आली नंद को किशोर।
राधे जगत नचायो तेरी भोह की मरोड़।
बन नाचे नटनी को आली नंद को किशोर॥
॥ अंतरा 2 ॥
हो ब्रज के किशोर तो पे डारु ऋण तोड प्यारे।
सुन मुरली की घोर मेरे मन नाचे मोर।
बन नाचे नटनी को आली नंद को किशोर।
राधे जगत नचायो तेरी भोह की मरोड़।
बन नाचे नटनी को आली नंद को किशोर॥
॥ अंतरा 3 ॥
हो नैनन बसाए मुंद रखूंगी छुपाए प्यारे,
कही भाग न जाए मेरी मुंदरी को चोर।
नाचे नटनी को आली नंद को किशोर॥
॥ अंतरा 4 ॥
मन श्याम रंग राधे बांध राखू संग प्यारी।
कहा जाएगी पतंग तेरे हाथ में है डोर।
नाचे नटनी को आली नंद को किशोर॥